
चित्तौड़गढ़। राजस्थान में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर वाहिनी की प्रदेश स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण बैठक बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब के महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर बुलाई गई थी, जिसमें उपस्थित पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने मान्यवर साहब को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके मार्गदर्शन और आदर्शों पर चलने तथा बहुजन समाज को पूरी ताकत से एकजुट करने का सामूहिक संकल्प लिया।

बैठक के दौरान अम्बेडकर वाहिनी के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल मेघवाल ने मान्यवर कांशीराम साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल मेघवाल ने कहा, “मान्यवर कांशीराम साहब वास्तव में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर का दूसरा रूप थे। उन्होंने बाबा साहब के मिशन और सपनों को आगे बढ़ाने का ऐतिहासिक कार्य किया। सोई हुई कौम को जगाने और सर्व समाज में राजनैतिक चेतना पैदा करने वाले महानायक साहब कांशीराम जी के पदचिन्हों पर चलना ही संगठन का मुख्य ध्येय है।” अम्बेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर चौधरी के निर्देशानुसार, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल मेघवाल ने राजस्थान संगठन को मजबूती देने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी में बड़ा फेरबदल करते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा गई जिसमें अनिल मेघवाल को बड़ी सादड़ी विधानसभा प्रभारी नियुक्त किया गया है।

दिलीप कुमार बोरीवाल को अम्बेडकर वाहिनी अधिवक्ता प्रकोष्ठ का राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। रामलाल मेघवाल को राजस्थान प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया है। संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमर चौधरी की अनुमति के बाद उदयपुर जिले की वर्तमान कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है।

नई कार्यकारिणी की घोषणा आगामी बैठक में की जाएगी। इस प्रदेश स्तरीय बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल मेघवाल उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता चित्तौड़गढ़ के जिलाध्यक्ष मेहफूज अली ने की। विशिष्ट अतिथि के तौर पर संगठन के प्रभारी श्री भगवती लाल एवं प्रदेश सचिव छगन लाल मौजूद रहे। इस अवसर पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिलाध्यक्ष राधेश्याम मेघवाल, मास्टर मांगीलाल मेघवाल, औंकार सिंह मीणा, नरेश खराडी, रोडीलाल, रतनलाल, घाशीगुर्जर, सत्यनारायण रेगर, आफताब अली, प्रभु सिंह, नंदलाल, राहुल सालवी और देवराज सिंह राणावत सहित भारी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।